वाराणसी के सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और शुद्धता जांचने के लिए एनालिटिकल टेस्टिंग लैब की सुविधा नहीं है। इसी वजह से दो महीने तक अस्पतालों में मानक में फेल दवाएं बांटी जाती रहीं।
तीन सितंबर को जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एजिथ्रोमाइसिन के चार नमूने लिए थे, जिनमें से तीन फेल निकले। ये दवाएं तीन अगस्त को ड्रग वेयरहाउस लखनऊ से मंगाई गई थीं।
जानकारों का कहना है कि अगर अस्पताल स्तर पर जांच होती तो लगातार दो महीने तक खराब दवाएं मरीजों तक नहीं पहुंचतीं।
