गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के एक कर्मचारी से सेवानिवृत्ति के समय करीब 25 लाख रुपये की वसूली की तैयारी है। उन्हें 40 साल पहले खेल कोटे से हॉकी खिलाड़ी के रूप में नौकरी मिली थी और तत्कालीन महाप्रबंधक के आदेश पर वेतनमान बढ़ाया गया था।
लेखा सहायक राज कुमार यादव की नियुक्ति 14 अप्रैल 1986 को लेखा विभाग में हुई थी। चार दशक तक बढ़े वेतनमान पर वेतन मिलता रहा, अब 31 अक्टूबर को उनसे वसूली की तैयारी है। एक अन्य कर्मचारी निर्मला रौतेला से भी करीब 25 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं।
कर्मचारी संगठनों ने सवाल उठाया है कि जब रेलवे ने 40 साल तक बढ़ा वेतन दिया, तो रिटायरमेंट के वक्त वसूली कैसे की जा सकती है। संगठन सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देकर इसका विरोध कर रहे हैं।
